दिनांक 11/05/2026 को सरस्वती शिशु मंदिर में यथार्थ हॉस्पिटल के सहयोग से भैया-बहिनों हेतु साप्ताहिक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। “स्वस्थ तन में स्वस्थ मन का वास होता है” की भावना को केंद्र में रखकर आयोजित इस शिविर ने विद्यालय परिवार को स्वास्थ्य जागरूकता का प्रेरणादायी संदेश प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉक्टरों की टीम के साथ अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें श्री प्रदीप गुप्ता जी (प्रांतीय संगठन मंत्री, विद्या भारती मेरठ प्रांत), श्री शिव कुमार वर्मा जी (अध्यक्ष, शिशु शिक्षा समिति, मेरठ प्रांत), श्री साकेश शर्मा जी (उपाध्यक्ष, शिशु शिक्षा समिति, मेरठ प्रांत), श्री प्रदीप भारद्वाज जी (मंत्री, शिशु शिक्षा समिति एवं विद्यालय अध्यक्ष), श्री राजकुमार कलरा जी (कोषाध्यक्ष, शिशु शिक्षा समिति, मेरठ प्रांत), श्री मदन पाल जी (प्रदेश निरीक्षक), श्री सुरेश चौहान जी (मेरठ संभाग निरीक्षक), श्री राधेश्याम जी (संभाग निरीक्षक, गाजियाबाद विभाग), श्री देवेश जी (मुरादाबाद संभाग), श्री प्रकाश वीर जी (अभिलेखागार प्रमुख, मेरठ प्रांत) एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री देवेंद्र शर्मा जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
आचार्य आदर्श जी एवं आचार्या बहिन ज्योति जी द्वारा अतिथियों का पटका पहनाकर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। सम्पूर्ण कार्यक्रम सेवा, अनुशासन एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
शिविर के दौरान कक्षा पंचम के भैया-बहिनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें पीयूष, दिव्यांश, केशव, शौर्य, आरव, माधव, लवी शर्मा, उर्वी राजपूत, अनिका आदि प्रमुख रूप से सम्मिलित रहे। डॉक्टरों की टीम ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें स्वच्छता, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम एवं स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने का अवसर प्राप्त हुआ। साथ ही उन्हें रोगों से बचाव, पौष्टिक भोजन के महत्व तथा नियमित स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की गई। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति सजगता, आत्मविश्वास एवं अनुशासित जीवनशैली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यालय परिवार की यह सराहनीय पहल केवल स्वास्थ्य परीक्षण तक सीमित न रहकर “स्वस्थ बालक – सशक्त राष्ट्र” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम सिद्ध होगा।
